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Showing posts from September, 2018

Today's Motivational Quote

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खड़ा हूँ अकेला ही यहां और छू रहा हु ये नीला आसमान । हैरान है सभी जो खड़े है अलग अलग झुंडों में देखकर मेरा ये अहसास ।। दूर नही हु इन घने बादलों को छू लेने से अब में । अकेला था और अकेला ही बढ़ता चला जाऊंगा पाने सफलता का वो सफर जो हैं मुश्किलों से भरा ।। ★★★ राहुल सप्रा ★★★

Hindi Poetry - Rim Jhim Barish

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RIM JHIM RIM JHIM SII HOO RAHI HAI YE BAARISH MAUSAM KAA KARWAT PALAT DETI HAI YE BAARISH SUKHE PADE KHETON KII PYAAS BUJHA DETI HAI YE BAARISH MITTI KII ALAG SII KHUSHBOO SE RUBARU KARWAATI HAI YE BAARISH RIM JHIM RIM JHIM SII HOO RAHI HAI YE BAARISH BAADALON KE BOJH KOO HALKA KARWA DETI HAI YE BAARISH NEELE AMBAR PAR SATRANGI INDRADHANUSH BANWAA DETI HAI YE BAARISH HAWA MAIN JOO BHII PRADUSHAN HOOTA HAI USKA VINAASH KARWA DETI HAI YE BAARISH HAR SHAKS KE CHEHRE PAR MUSKURAHAT KE LAMHE CHOD JAATI HAI YE BAARISH RIM JHIM RIM JHIM SII HOO RAHI HAI YE BAARISH GARMA GARAM PAKODE KHAANE KA ALAG SA MAHOOL BANWA DETI HAI YE BAARISH KHULI HAWA MAIN SAAS LENE KAA ALAG HII EHSAAS KARWA DETI HAI YR BAARISH MURJHAAYE HUE PEDH PAUDHO MAIN FIR SE NAYA JEEVAN DAALWA DETI HAI YE BAARISH SURAJ AUR CHAND KO LAMBI CHUTTI PAR BHEJ DETI HAI YE BAARISH RIM JHIM RIM JHIM SII HOO RAHI HAI YE BAARISH WAISE TO BAARISH KAA INTEZAR HAI KOI...

घाट नदी का

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घाट नदी का लहराता हुआ नदी का पानी जब मिलता है घाट से | कुछ तो है मन में जो वो पानी कहना चाहता है घाट से || एक मधुर सी आवाज़ से सबका मन मोह लेता ये पानी और घाट का संगम | तभी तो वो पानी एक अनोखा सा रिश्ता हर लहर के साथ जोड़ जाता है घाट से || ¶¶¶ राहुल सप्रा ¶¶¶

गणेश देवा | Lord Ganesha Poem in Hindi | Ganpati Poem | Bappa Ka Tyohaar | Ganpati Poetry

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दुख हरते कष्ठ निवारते सबके प्यारे हमारे श्री गणेश देवा अपने सभी भक्तों को हर साल गणेश चतुर्थी पर दर्शन दे जाते हमारे श्री गणेश देवा जम के लड्डूओं का भोग लगा जाते हमारे श्री गणेश देवा पूजन में अपने पापा शिवजी से भी पहले पूजे जाते हमारे श्री गणेश देवा हर साल अपने आने से घर को मन्दिर में बदल जाते हमारे श्री गणेश देवा हर शख्स की मनोकामना को पूर्ण है करते हमारे श्री गणेश देवा चूहे की सवारी से अपनी अलग ही शान है बनाते हमारे श्री गणेश देवा त्योहारों का फिर से वापस आने का आघास करवाते हमारे श्री गणेश देवा एक अलग ही अंदाज़ में लाल बाग के राजा के आसन पर विराजमान हो जाते हमारे श्री गणेश देवा विसर्जन के वक़्त मुम्बई शहर के पूरे समुद्र पर अपना कब्ज़ा जमा लेते हमारे श्री गणेश देवा बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास से विदाई ले जाते हमारे श्री गणेश देवा जाते समय आने वाले साल में फिर से लौटने का वादा कर जाते हमारे श्री गणेश देवा

Motivational Poem - इमारते

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ईंट से ईंट मिलकर बन जाती है ऊँची ऊँची  इमारते  | अपनी ऊँचाई से गगन को जैसे छू सी लेती है ये ईमारते || पुरानी से पुरानी या फिर हो नई से नई ये इमारते | अपनी उद्बुद्ध बनी बनावट से सबका मन मोह लेती है ये इमारते || ★★★राहुल सप्रा★★★

Teachers Day Hindi Poem | शिक्षक दिवस पर हिंदी कविता

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ज़िन्दगी में ज़िंदगी भर का ज्ञान दे जाता है अध्यापक ज़िन्दगी को सलीके से जीने का पाठ पढ़ा जाता है अध्यापक अपनी पूरी ज़िन्दगी समाज के बच्चों को सवारने में लगा देता है अध्यापक एक सरल और सुखम ज़िन्दगी तमाम उम्र बिता देता है अध्यापक सारे बच्चों को अकेले ही एक कक्षा मैं अपने दम पर संभाल लेता है अध्यापक किसी देश को सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभाता है अध्यापक आज के समाज में भी माँ और पिता के समान दर्जा रखता है अध्यापक बच्चों की ज़िन्दगी बनाने में खुद की ज़िंदगी जीना भूल जाता है अध्यापक ज़िन्दगी के कठिन से कठिन वक़्त में भी जीने का सही रास्ता सीखता है अध्यापक परीक्षाओ के समय अपना घर बार छोड़ कर बच्चों को परीक्षा की तैयारियां करवाता है अध्यापक मतदान के समय पूरे जिम्मेदारी से मतदाताओं से वोट सफलता पूर्वक डलवाता है अध्यापक सुंदर से इस समाज को सभ्य और सम्पूर्ण बनाता है अध्यापक

जन्माष्टमी पर्व पर हिंदी कविता

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गोकुल के हमारे नटखट से ये नंदलाला बड़े मोहक से निराले से है हमारे ये नंदलाला अपनी हँसी से सबके मन को मोह लेते है हमारे ये नंदलाला वृन्दावन, मथुरा, गोकुल, नंदगाँव और बरसाने में आज भी बसें है हमारे ये नंदलाला नीति वन में गोपियों संग हर रोज़ रासलीला रचते है हमारे ये नंदलाला गोकुल के हमारे नटखट से ये नंदलाला माखन के तो जैसे दीवाने से है हमारे ये नंदलाला मासूम सा चेहरा बना कर ना जाने कितने ही घरों का माखन है चुराया हमेशा बस मुस्कुराते ही रहते है हमारे ये नंदलाला उनकी इसी अंदाज पर आज भी इस समाज में हर घर में पूजे जाते है हमारे ये नंदलाल गोकुल के हमारे नटखट से ये नंदलाला हर साल नंदलाला का जन्मदिन जन्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है सारे मंदिर और बाज़ारों को आलीशान ढंग से सजाया जाता है पूरे दिन नंदलाला के नाम का रखकर उपवास आधी रात को इनके जन्म होने पर प्रेम भाव से इनके नाम का प्रसाद पूरा होता है उपवास गोकुल के हमारे नटखट से ये नंदलाला