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Showing posts from January, 2019

भक्ति कविता : Prayag Kumbh 2019 Sangam Prayagraj Allahabad

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त्रिवेणी संगम के तट पर फिर से एक बार है आया कुंभ का ये विशाल मेला | सभी भक्तों को शाही स्नान का न्योता है दे रहा कुंभ का ये विशाल मेला || पूरी दुनिया के हर कोने से श्रद्धालुओं का टाँका सा लग जाता | हर मजहब हर रंग फिर चाहे हो कोई भारत देश का या हो विदेश का , आस्था की डुबकी से सभी के मन को पावन कर जाता कुंभ का ये विशाल मेला || त्रिवेणी के संगम पर होता मिलन माँ गंगा यमुना और सरस्वती का | शिव शंकर की भक्ति में सभी भक्तों को विलीन है कर जाता कुंभ का ये विशाल मेला || अलग अलग धर्म गुरुओं को ऐसे ही महा कुम्भ के दौरान एक साथ देखना बड़ा सोभाग्य भरा होता है | हर शाही स्नान के दिन उन सभी धर्म गुरुओं से ही उस शाही स्नान का आग़ाज़ है करवाता कुंभ का ये विशाल मेला || प्रयागराज की पावन धरती पर लगा है 2019 का ये विशाल कुंभ का मेला | त्रिवेणी संगम के पावन जल को अमृत में बदल चुका है कुंभ का ये विशाल मेला || कहते है के कुंभ में स्नान करने से जन्मो जन्मो के पापों का नाश हो जाता है | धरती पर ही रह कर इंसान को स्वर्ग सा एहसास है करवाता कुंभ का ये विशाल मे...

Republic day Poem in Hindi | वतन ये मेरा हिन्दुस्तान

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है ये मेरा वतन कोई मुझसे कैसे मेरे जीने के हक़ को छीन पायेगा |   एक आज़ाद मुल्क में रहता हूं , कोई   मुझसे कैसे मेरी मंज़िल को पाने से रोक पायेगा || हर दिन ये प्रयास करता हूं के इस दुनिया की भीड़ में सबसे आगे निकल जाऊंगा |   आगे पहुँच कर ये नही सोचा था के आगे आकर फिर से इस देश की एक नई भीड़ का नया हिस्सा बन जाऊंगा || अक्सर ये दुनिया मुझसे कहती है के क्या किया मैने अपने इस देश के खातिर | मुझे पता है मैं कोई नेता या फिर पुलिस में नही , पर फिर भी किसी ना किसी तरह मरते दम तक अपने इस देश के लिए कुछ ना कुछ तो हर रोज़ करता चला जाऊंगा || ये देश मुझसे नही मैं इस देश से हु ये देश मुझसे नही मैं इस देश से हु ये बात समझने में ना जाने हर हिन्दुस्तानी को ओर कितना ही वक़्त लग जायेगा || मेरे इस मुल्क़ हिंदुस्तान का बिछड़ा हुआ भाई जो कि है पाकिस्तान | आज भी हर इंसान पाकिस्तान मुल्क़ में यही सोचता है के कैसे हिन्दुस्तान इतनी तेज रफ्तार से बढ़ रहा है और आगे भी युही भढता चला जायेगा || फिर से है आया मेरे देश के गधतंत्रता दिवस का वो दिन | सुनहर...

Short Motivational Shayari

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शांति और सभ्यता का प्रतिक होती है प्रतिमा | सुबह शाम दिन रात बस युही खड़ी रहती है प्रतिमा || इस समाज को एक सभ्य समाज बन्ने का हमेशा ही संकेत देती रहती है प्रतिमा | गुजरे वक़्त में महान हस्तियों को हमसे आज भी जोड़े रखती है प्रतिमा || °°° राहुल सप्रा °°°

Lohri Shayari 2019 | Lohri Poem

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साढ़े प्रमुख त्योहारा विचों ए प्रमुख त्योहार लोहड़ी दा है फिर तो आया सारे पास्से खुशियां दी नवी दास्तान नु फैलान लोहड़ी दा ए त्योहारा है लाया वैसे ते पंजाबी जिथे वी होवे बड़े उत्साह दे नाल मनान इस त्योहार नु बाबा जी दी रहमत दे नाल चार चाँद है लाग जांदे वड्डे इस लोहड़ी दे त्योहार नु 13 जनवरी नु आवे हर साल ए लोहड़ी दा त्योहार , बच्चा जवान या फिर होवे कोई बुज़ुर्ग पूरे साल अपनी एक वखरी जई छाप छोड़ जावे ए लोहड़ी दा त्योहार     शादी दे बाद दी पहली लोहड़ी होवे या फिर होवे पहले बच्चे दी ,  सारे रिश्तेदार होके कठे लोहड़ी दे त्योहार दे जशन नु ज़िन्दगी भर लई यादगार बना जांदे     कपकपढ़ि सर्दी दे विच एक वखरा ही आनंद आवे लोहड़ी दी आग विच हाथां नु सकण दा , मुंगफली रेवड़ी गचक दा वखरा स्वाद सालों साल याद करवांदा त्योहार लोहड़ी दा   हर पास्से सारे पान जम के भंगड़ा की वड्डा या होवे कोई निक्का , वखरी मस्ती दे शोर दे नाल गूंज जांदा पूरा जहान एस लोहड़ी दे त्योहार विच     हर मज़हब दे लोग वाद चाड के इस   जशन दा हिस्सा है बंदे , सारे कथे ...