International Yoga Day | Yoga Day Poem | Poem on Yoga
योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो मन और मस्तिष्क का संतुलन अनोखा होगा योगा होगा तो शरीर का शुद्धिकरण भरपूर होगा योग होगा तो जीवन में उमंगों एक नया सा करवा होगा योग बिना इंसान का जीवन जैसे कोई जीवन ही नही होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो ज़िन्दगी का सफर उमंगों से हर पल भरा होगा योग होगा तो खुश रहने में कोई संकोच नही होगा योग होगा तो नशे का फिर नामों निशान कहीं नही होगा योग बिना स्वास्थ्य को लेकर मन्न में चिन्तन हमेशा होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो मनुष्य और देश का विकास दुगनी गति से होगा योग होगा तो इंसान के मन्न के अरमानों का हौसला हरदम नया होगा योग होगा तो इंसान का हर दिन तरो ताज़ा होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में अहंकार का नामों निशान नही होगा योग बिना ज़िन्दगी तो होगी पर ज़िन्दगी जीने...