हिंदी कविता : प्यारी बेटियां
#poetry #shayari #kavita #motivationalshayari पापा की परी होती है प्यारी बेटियां माँ की ममता मैं खुद को छिपाए रखती है प्यारी बेटियां घर के आँगन में अपनी अलग ही जगह रखती है प्यारी बेटियां बचपन से जवानी तक जिस घर में रहती है वो छोड़ कर दूसरे घर चली जाती है प्यारी बेटियां बचपन से ही घर के आँगन को महका देती है प्यारी बेटियां कई बार रोते रोते खुद ही हस्स जाती है प्यारी बेटियां बेटे से बढ़कर हर पल के लिए दिल में बस जाती है प्यारी बेटियां घर के जेवर जायदाद से कोसो दूर होती है प्यारी बेटियां ज़िंदगी के लाखों ग़मों के कड़वे घूंट युही पी जाती है प्यारी बेटियां हर घर की नींव मानी जाती है प्यारी बेटियां हर कामयाब शख्स को उसकी मज़िल तक ले जाती है प्यारी बेटियां बेटी बीवी माँ नानी दादी सबके फ़र्ज़ हिम्मत से निभाती है प्यारी बेटियां पता ही नही चलता कब शादी के लायक हो जाती है प्यारी बेट...