Navratri Special | Navratri Poem in Hindi | नवरात्रि पर हिंदी कविता
लो आ गए है फिर से इस बार माता रानी के ये नवरात्रे कंजकों के रूप में हर घर को अपने दर्शन दिलवाने सज धज के भक्तों के सभी दुखों को हरके खुशियों की नई सौगातें माता रानी दे जाती है करने अपने भक्तों का बेड़ा पार आ गए है फिर से माता रानी के ये नवरात्रे || घर में बने हलवा पूरी से कंजकों को भोग लगवाया जाता है लाल चुनरिया बिंदी चुड़िया इत्यादि की सुनहरी भेंट से उन कंजकों को सजाया जाता है बड़े शुद्ध और पावन माने जाते है ये माता रानी के नवरात्रे अपनी भक्ति से हर किसी के मन को पावन करवाने आ गए है फिर से माता रानी के ये नवरात्रे || हर जगह गूंज पड़ती है जय माता दी जय माता दी के जाप से घरों में ही माता रानी के मनभावुक छोटे बड़े दरबार देखे है जा सकते नवरात्रि के ये नौ दिन होते है शुद्धता से भरपूर तभी तो कलयुग के इस समाज में एक नई उपलब्धि का पंचम लहराने आ गए है फिर से माता र...