No Tobacco Day Poem | नशे के नाश से खुद को बचा लो अब तुम
नशे के नाश से खुद को बचा लो अब तुम आज प्रण ये लेना है तुमको नशे से हमेशा दूर रहोगे तुम शराब पान मसाला बीड़ी गुटखा आदि आज ही छोड़ दोगे तुम वरना कैंसर जैसी महाबीमारियो द्वारा जल्दी ही इस दुनिया से हो जाओगे लुप्त तुम पछताने के अलावा कुछ और ना फिर कर पाओगे तुम नशे के नाश से खुद को बचा लो अब तुम || एक बार जो लद लग गयी नशे की तो इसको छुड़ा ना सकोगे तुम अंदर से फिर खोखले होकर बस रह जाओगे तुम है नशा वो बीमारी जो हर दिन मारती रहेगी तुमको धीरे धीरे फिर खुद के बनाए इस नशे के जाल में फसते चले जाओगे तुम नशे के नाश से खुद को बचा लो अब तुम || करना है अगर नशा तो अपनो से प्यार का नशा करो तुम सिगरेट और शराब से नशा नही बल्कि इस ज़िंदगी का नाश बस करते हो तुम हो जाती दुर्गती पूरे परिवार की हो अगर घर में किसी को जो नशे की बीमारी भला क्यों भगवान द्वारा दी हुई इस अमुल्य जीवन का नशे से नाश...