Posts

Showing posts with the label hindi poem on life and death

दरवाजे

Image
कितने ही दरवाजे है इस तस्वीर में | कौन से दरवाजे से जाए इस बात पर विचार कुछ गंभीर है || ठीक युही असल जिंदगी में अक्सर होता है | पास सब कुछ हो कर भी न जाने क्या पाने का फितूर दिमाग में हर रोज़ है || ★★★राहुल सप्रा★★★

परछाई

Image
परछाई परछाई बयान करती है किसी जीव या किसी निर्जीव के होने का | परछाई बयान करती है के कैसे एक वक्त में एक चीज़ दो दिख सके || परछाई बयान करती है एक लहराती हुआ प्रतिबिम्ब | परछाई बयान करती है संकेत उजाले का, क्योकि उजाला खत्म होने पर ना जाने कहाँ उड़ान छू हो जाए ये परछाई || ●●●राहुल सप्रा●●●

हिंदी कविता - त्योहार ये रक्षाबंधन का

Image
बहनो और भाइयों का त्योहार ये रक्षाबंधन का भाइयों की लंबी और खुशहाल ज़िंदगी के लिए बहनो द्वारा मनाया जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का सभी गीले शिकवे भुला कर हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का चाहे जितनी भी व्यस्त हो सभी बहने  बस दौड़ी चली आती है राखी अपने भाई को बांधने के लिए तभी तो अटूट रिश्ते का एक बेमिसाल उद्धरण है त्योहार ये रक्षाबंधन का बहनो और भाइयो का त्योहार ये रक्षाबंधन का बहने सुबह से ही सज धज के निकल पड़ती है अपने घर से भाई को जब तक रखी ना बाँध ले अन्न का एक निवाला तक नही खाती ये बहनें हमेशा अपने भाई की लंबी और खुशहाल ज़िन्दगी की दुआएं करती रहती ना जाने कैसे हर साल बहन और भाई के इस रिश्ते की कितनी ही नई मिसालें दे जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का बहनो और भाइयो का त्योहार ये रक्षाबंधन का कितनी बहनो और भाइयो को इस त्योहार को मनाने का अवसर ही नही मिल पाता नौकरियों, कारोबार और परिवार के चक्कर में भाई देश के एक कोने में तो बहन किसी दुसरे कोने में डाक से राखी अपने भाई को हर साल भेज देती है बहने औ...

पहाड़ों का पैगाम

Image
गगन चुम्बी और बर्फ से ढकी पहाड़ों की ये चोटिया कुछ ये बयान करती है | के जैसे जम के पड़ी हुई बर्फ अब तो बस कड़कते हुए सूरज का इंतजार करती है || ^^ राहुल सप्रा ^^