परछाई

परछाई

परछाई बयान करती है किसी जीव या किसी निर्जीव के होने का |

परछाई बयान करती है के कैसे एक वक्त में एक चीज़ दो दिख सके ||

परछाई बयान करती है एक लहराती हुआ प्रतिबिम्ब |

परछाई बयान करती है संकेत उजाले का, क्योकि उजाला खत्म होने पर ना जाने कहाँ उड़ान छू हो जाए ये परछाई ||

●●●राहुल सप्रा●●●


Comments

Popular posts from this blog

हिंदी कविता - उम्मीदों की कश्ती

Lohri Shayari 2019 | Lohri Poem

घाट नदी का