राहुल सप्रा प्रस्तुति हिंदी कविता - वतन ये मेरा हिन्दुस्तान वतन ये मेरा हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान है वतन मेरा, इसपर है फर्क हमें पूरा इस देश की तरक्की के लिए जितना भी हो पायेगा मरते दम तक करने की पुरी कोशिश करते रहेंगे मानते हैं के हम किसी फौज या फिर किसी राजनीति का हिस्सा नही, पर फिर भी अपने मुल्क को तरकी दिलवाने में कभी भी पीछे नही हटेंगे वतन ये मेरा हिन्दुस्तान वतन के लिए कुछ भी करने का जज़्बा रखता हैं हर हिन्दुस्तानी वतन पर मर मिटने को भी सबसे पहले खड़ा होता है हर हिन्दुस्तानी यु तो कामयाबियों कि नई बुलंदियों हर दिन छूता है मेरा ये वतन पर दुनिया में हिंदुस्तान को सबसे सक्षम देश बनाने में आज भी जुटा है हर हिन्दुस्तानी वतन ये मेरा हिन्दुस्तान यहां कुछ ही कदमों पर भाषाएं बदल जाया करती है कोई भी शख्स जो हो अमीर से अमीर या फिर हो गरीब से गरीब, हर किसी को यहां खाने को दो वक्त की रोटी तो मिल जाया करती हैं अंग्रेजों से आज़ादी के बाद संसार में एक अलग पहचान मेरे वतन ने बनायी है जो इतने कम वक्त में ही अपनी अलग ही छाप इस ज़...