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Showing posts from June, 2019

ए बारिश तू फिर से एक बार आजा | Barish Poetry

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अपनी बूदों से इस हवा में फिर एक बार ताज़गी जगजा , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा कब से तरसे तेरे इंतज़ार को हम सबके नयन , बढ़ गयी है अब सुखी पड़ी इस धरती की फरमाइश , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा अब और तू इंतज़ार पे इंतज़ार हर शख्स को यहाँ ना करवा , कुछ वक्त के लिए ही सही , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा तड़प रही है ये सुखी धरती , तड़प रहे यहाँ जीव जन्तु , फसलें भी हो चुकी पक के यहाँ तैयार , छोड़के सब गीले शिकवे , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा तू जब है आती तो हवा में एक नई सी महक का अहसास होता है , तू जब आती है तो गर्मी से इज़ात चारों और है फैलती , इस अहसास से फिर से रूबरू करवाने , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा कितनी दफ़ा तो बे मौसम बारस्कर सबको आश्चर्यचकित है तू कर देती , कितनी दफ़ाआसमान के काले बादलों के बोझ को हल्का है तू कर देती , इसी परिक्रिया को फिर से एक बार दोहराजा , ए बारिश तू फिर से एक बार आजा

International Yoga Day | Yoga Day Poem | Poem on Yoga

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योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो मन और मस्तिष्क का संतुलन अनोखा होगा योगा होगा तो शरीर का शुद्धिकरण भरपूर होगा योग होगा तो जीवन में उमंगों एक नया सा करवा होगा योग बिना इंसान का जीवन जैसे कोई जीवन ही नही होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो ज़िन्दगी का सफर उमंगों से हर पल भरा होगा योग होगा तो खुश रहने में कोई संकोच नही होगा योग होगा तो नशे का फिर नामों निशान कहीं नही होगा योग बिना स्वास्थ्य को लेकर मन्न में चिन्तन हमेशा होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में फिर कोई रोग नहीं होगा योग होगा तो मनुष्य और देश का विकास दुगनी गति से होगा योग होगा तो इंसान के मन्न के अरमानों का हौसला हरदम नया होगा योग होगा तो इंसान का हर दिन तरो ताज़ा होगा योग होगा तो ज़िन्दगी में अहंकार का नामों निशान नही होगा   योग बिना ज़िन्दगी तो होगी पर ज़िन्दगी जीने...

Punjabi Shayari on Father's day

तावड़े नाम तो ही साढ़े नाम दी पहचान इस जग विच है मेरे पापा होर ना दर्ज़ा होना एस जग विच किसे दा वी जेड़ा दर्जा तवाड़ा हेगा है मेरे पापा सारी जिंदगी अपनी तुस्सी कर दिति कुर्बान साड़ी ज़िन्दगी बनान विच मेरे पापा पढ़ाया लिखाया आज इस लायक बनाया सानू तुस्सी ही है मेरे पापा अपनी ज़िंदगी दे सब सुख छड्ड के साड्डा जीवन सवाराय तुस्सी मेरे पापा तावड़े नाम तो ही साढ़े नाम दी पहचान इस जग विच है मेरे पापा होंदे दुनिया विच वैसे कई रिश्ते पर तवाड़ा नाल रिश्ता है वखरा मेरे पापा मेरी ज़िंदगी विच जे कोई मैनु पूछे के कीदे कारके मैं एथे तक है आया ता ज़ुबान ते नाम तवाड़ा ही आवे मेरे पापा ज़िन्दगी दे चंगे ते माड़े वक़्त विच वी पूरी ज़िंदगी साथ जिन्ने दिता ओ शक़्स तुस्सी हो मेरे पापा हर त्योहार नु मनान दा तरीका मैनु समझा के मेरा ध्यान हमेशा तुस्सी   राख्या मेरे पापा तावड़े नाम तो ही साढ़े नाम दी पहचान इस जग विच है मेरे पापा ...

Father's Day Poem

You are my Super Hero oh my father The awesome Precious gift god had ever given me is you oh my Father If I say thank you for every moment of my life than its very very small word oh my Father In every good or bad phase of my life you always support me oh my father At every point of my life you always share ur experience with me oh my father You are my Super Hero oh my father By doing soo many sacrifices you always fullfil our dreams oh my father In my life if anyone ask me who is my role model than I always say it's u oh my father You always shares ur happiness part never share ur sadness part of life oh my father By the grace of God nd U whatsoever I am today, it's because of you oh my father You are my Super Hero oh my father Always have a lovely smile on ur face which makes our life heaven oh my father Since my birth till present, at every moment of life you made our journey much smoother oh my father Series of up...

कुछ भी भूला नही मैं पापा | Father's Day Poem | पिता पर कविता | Hindi Poem on Papa

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कुछ भी भुला नही मैं पापा, मुझे आज भी सब कुछ याद है वो पापा का चेतक स्कूटर पर आगे बिठाकर दिल्ली की गलियों की सैर करवाना वो पापा का बारिश के वक़्त अपना रेनकोट मुझपर ओढकर मुझे बारिश से बचवाना वो पापा का मॉनसून के मौसम में यमुना नदी में आई बाढ़ दिखलाना वो पापा का रात के वक़्त आते ही दरवाज़े के बाहर से स्कूटर का हॉर्न बजाना वो पापा का अपना मन्न मारकर मुझे मनपसंद खिलौने दिलवाना वो पापा का दूर तक उड़ी हुई पतंग मुझे देकर मेरी शान बढ़वाना कुछ भी भुला नही मैं पापा, मुझे आज भी सब कुछ याद है वो पापा का मेरे पढ़ाई में नम्बर कम आने पर मुझे प्रोत्साहन देना वो पापा का हर पल अपने जीवन का ज्ञान मुझे मेरी ज़िंदगी के लिए देना वो पापा का मम्मी की पिटाई से मुझे हमेशा बचवाना वो पापा का हर पल इस ज़िन्दगी में मेरी, मुझे एहम अहसास करवाना वो पापा का हर पल अपनी नींद को त्याग कर मुझे चैन की नींद सुलवाना वो पापा का मेरे जन्मदिन के अवसर पर पूरी कक्षा में टॉफ़ीस बटवाना कुछ भी भुला नही मैं पापा, मुझे आज भी सब कुछ याद है वो पापा का दीवाली की शाम मेरे मनपसंद पट...

जल बिना जैसे जीवन संभव ही नही है | Save Water Poem | Poem On Water

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जल बिना जैसे जीवन संभव ही नही है जल ना हो तो ये ज़िन्दगी फिर ज़िन्दगी ही नही है जल से शुरू होता हर दिन ये सबका जल से ही हर दिन का अंत है होता जल की नही किसी से भी है तुलना जल से ही हर घर का खाना है पकता जल से नाहा कर सकून है मिलता जल है जीवन ये हर कोई नही समझता जल के आसरे पूरा विश्व है चलता जल से ही खेतों में अनाज है उगता साफ जल में प्रतिबिंब है दिखता कलयुग के समय में जल बोतलों में है बिकता जल से ही समुन्द्र नदियों को वजूद है मिलता जल अपना रास्ता अपने आप है ढूढ़ता जल अपने बहाव से आग तक है बुझाता सूखे पड़े गाँव जल की हर बूंद को तरसता जल हो पीने लायक यही लक्ष्य हो हम सबका जल को प्रदूषित अब नही है करना जल में कई सारे जीवों का झुंड वास है करता इन जीवों की रक्षा करना हम सबका दायित्व है बनता   जल तो जल है जल के जैसे ना दूजा कोई फिर भी जल की हर कोई...