April Fool Shayari | April Fool Banaya | April Fool Poem
किसी को जो बनाना हो बुधु या बेवकूफ तो ये खास दिन प्रसिद्ध है पूरी दुनिया में जिसे कहते है अप्रैल फूल करना हो किसी से बेहूदा सा मज़ाक तो उस लम्हें को भी अपने संग है लाया दिन ये अप्रैल फूल का वक़्त के साथ आजकल सब कुछ बदल चुका है पर फिर भी खुशी के कुछ लम्हों को मज़ाक के रूप में हम सबका दिल बहलाने के लिए है आया दिन ये अप्रैल फूल का || कभी कोई कुछ ज्यादा ही भावुक हो जाता है इस दिन तो कभी ना चाह कर भी किसी के बहकावे में आ जाता है जब भी किसी से मज़ाक करो तो इंसान के दिल की लिमिट ज़रूर पता कर लेना तभी तो कभी कभी हँसाने की अभिलाषा को किसी निराश में बदल देता है दिन ये अप्रैल फूल का || हर साल की पहली अप्रैल को प्रसिद्ध है पूरे विश्व में अप्रैल फूल का ये दिन बच्चे बूढ़े या फिर हो कोई जवान हर किसी को अपने चक्ररव्यू में ये फास लेता है अपने या किसी पराये के साथ लिमिट में करना चाइए इस दिन किसी भी तरह का मज़ाक उस मज़ाक से ज़िन्दगी की कुछ परेशानियों को दूर भगाने है आया दिन ये अप्रैल फूल का ||