हिंदी कविता - वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
राहुल सप्रा प्रस्तुति
हिंदी कविता - वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
हिन्दुस्तान है वतन मेरा, इसपर है फर्क हमें पूरा
इस देश की तरक्की के लिए जितना भी हो पायेगा मरते दम तक करने की पुरी कोशिश करते रहेंगे
मानते हैं के हम किसी फौज या फिर किसी राजनीति का हिस्सा नही, पर फिर भी अपने मुल्क को तरकी दिलवाने में कभी भी पीछे नही हटेंगे
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
वतन के लिए कुछ भी करने का जज़्बा रखता हैं हर हिन्दुस्तानी
वतन पर मर मिटने को भी सबसे पहले खड़ा होता है हर हिन्दुस्तानी
यु तो कामयाबियों कि नई बुलंदियों हर दिन छूता है मेरा ये वतन
पर दुनिया में हिंदुस्तान को सबसे सक्षम देश बनाने में आज भी जुटा है हर हिन्दुस्तानी
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
यहां कुछ ही कदमों पर भाषाएं बदल जाया करती है
कोई भी शख्स जो हो अमीर से अमीर या फिर हो गरीब से गरीब, हर किसी को यहां खाने को दो वक्त की रोटी तो मिल जाया करती हैं
अंग्रेजों से आज़ादी के बाद संसार में एक अलग पहचान मेरे वतन ने बनायी है
जो इतने कम वक्त में ही अपनी अलग ही छाप इस ज़माने को मेरा ये मुल्क दे पाया हैं
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
यहां मजहब के नाम पर आपस में लोगों को लड़वाया जाता है,
मेरे इस मुल्क के कुछ और नए टुकड़े करने का हर दिन नया पैंतरा अपनाया जाता है
ना जाने कब इस बटवारे की लड़ाई पर अंकुश लग पायेगा,
जब मेरा भारत पूरे विश्व में ओर भी ज्यादा महान कहलाया जाएगा
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
पड़ोसी मुल्क खासकर पाकिस्तान हर वक़्त इसी उलझन में रहता है के कैसे हिन्दुस्तान इतनी तररकी इतने कम वक्त मैं कर पाया है
हिन्दुस्तान की इस तररकी को देख कर आज हर पाकिस्तानी यही सोचता है के काश आज़ादी के समय बटवारा ना हुआ होता और पाकिस्तान भी आज हिन्दुस्तान का ही हिस्सा होता
वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
धन्यवाद्
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
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