हिंदी कविता - त्योहार ये रक्षाबंधन का
बहनो और भाइयों का त्योहार ये रक्षाबंधन का
भाइयों की लंबी और खुशहाल ज़िंदगी के लिए बहनो द्वारा मनाया जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का
सभी गीले शिकवे भुला कर हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का
चाहे जितनी भी व्यस्त हो सभी बहने बस दौड़ी चली आती है राखी अपने भाई को बांधने के लिए
तभी तो अटूट रिश्ते का एक बेमिसाल उद्धरण है त्योहार ये रक्षाबंधन का
बहनो और भाइयो का त्योहार ये रक्षाबंधन का
बहने सुबह से ही सज धज के निकल पड़ती है अपने घर से
भाई को जब तक रखी ना बाँध ले अन्न का एक निवाला तक नही खाती ये बहनें
हमेशा अपने भाई की लंबी और खुशहाल ज़िन्दगी की दुआएं करती रहती
ना जाने कैसे हर साल बहन और भाई के इस रिश्ते की कितनी ही नई मिसालें दे जाता है त्योहार ये रक्षाबंधन का
बहनो और भाइयो का त्योहार ये रक्षाबंधन का
कितनी बहनो और भाइयो को इस त्योहार को मनाने का अवसर ही नही मिल पाता
नौकरियों, कारोबार और परिवार के चक्कर में भाई देश के एक कोने में तो बहन किसी दुसरे कोने में
डाक से राखी अपने भाई को हर साल भेज देती है बहने
और वो बहने अपने मोबाइल से करके वीडियो कॉलिंग अपने भाई के पास ना होकर भी भाई के साथ मना लेती है त्योहार ये रक्षाबंधन का
बहनो और भाइयो का त्योहार ये रक्षाबंधन का
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