Republic day Poem in Hindi | वतन ये मेरा हिन्दुस्तान
है ये मेरा वतन कोई मुझसे कैसे मेरे जीने के हक़ को छीन
पायेगा |
हर दिन ये प्रयास करता हूं के इस दुनिया की भीड़ में सबसे
आगे निकल जाऊंगा |
अक्सर ये दुनिया मुझसे कहती है के क्या किया मैने अपने इस
देश के खातिर |
मुझे पता है मैं कोई नेता या फिर पुलिस में नही, पर फिर भी किसी ना
किसी तरह मरते दम तक अपने इस देश के लिए कुछ ना कुछ तो हर रोज़ करता चला जाऊंगा ||
ये देश मुझसे नही मैं इस देश से हु
ये देश मुझसे नही मैं इस देश से हु
ये बात समझने में ना जाने हर हिन्दुस्तानी को ओर कितना ही
वक़्त लग जायेगा ||
मेरे इस मुल्क़ हिंदुस्तान का बिछड़ा हुआ भाई जो कि है
पाकिस्तान |
आज भी हर इंसान पाकिस्तान मुल्क़ में यही सोचता है के कैसे
हिन्दुस्तान इतनी तेज रफ्तार से बढ़ रहा है और आगे भी युही भढता चला जायेगा ||
फिर से है आया मेरे देश के गधतंत्रता दिवस का वो दिन |
सुनहरे अक्षरों से लिखे गए उस संविधान को हर हिंदुस्तानी
तमाम उम्र तक सलाम करता चला जायेगा ||
जय हिंद जय भारत
Comments
Post a Comment