Today's Motivational Quote


खड़ा हूँ अकेला ही यहां और छू रहा हु ये नीला आसमान ।
हैरान है सभी जो खड़े है अलग अलग झुंडों में देखकर मेरा ये अहसास ।।

दूर नही हु इन घने बादलों को छू लेने से अब में ।
अकेला था और अकेला ही बढ़ता चला जाऊंगा पाने सफलता का वो सफर जो हैं मुश्किलों से भरा ।।

★★★राहुल सप्रा★★★



Comments

Popular posts from this blog

हिंदी कविता - उम्मीदों की कश्ती

Lohri Shayari 2019 | Lohri Poem

घाट नदी का