Mother Day Poem | Poem for Mom | Hindi Poem on Mother
माँ
की ममता का तोल
नही है कोई
तोल
अगर कोई कर भी
ले तो इसका मोल
नही है कोई
माँ
की ममता तो केवल
माँ ही जानती है
माँ
से बड़ा ना हुआ
है और ना ही
होगा इस दुनिया में
दूजा कोई
माँ
की ममता का तोल
नही है कोई ||
माँ
का बच्चे के जीवन में
क्या योगदान है ये माँ
अपने बच्चे को कभी नही
बताती
बच्चा
अगर माँ से गुस्सा
भी हो जाये तो
भी माँ हमेशा अपने
बच्चे की बुरी नज़र
है उतारती
पूजा
में भगवान का स्थान भी
माँ के बाद ही
आता है
तभी
तो पूरे इस संसार
में सभी रिश्तों से
आगे माँ का स्थान
सबसे पहले आता है
माँ
की ममता का तोल
नही है कोई ||
माँ
के बिना घर के
आंगन में सब कुछ
हो कर भी सब
सुना सा लगे
माँ
के बिना घर जैसे
कोई पतझड़ के बाद
का सूखा पेड़ सा
लगे
मिलनी
चाइए इस संसार में
सबसे ज्यादा इज़्ज़त एक माँ को
क्योकि
इस मिलावटी दुनिया में माँ के
रिश्ते में मिलावट नही
है कोई
माँ
की ममता का तोल
नही है कोई ||
माँ
के मुख से हर
बच्चे के लिए बस
दुआएं ही निकलती है
खुद
चाहे अंदर से जितनी
भी दुखी हो पर
बाहर से अपने बच्चे
को खुशियां ये दिखलाती है
जितने
बलिदान एक माँ अपने
जीवन में देती है
शायद ही कोई ये
सोच भी पाता होगा
इसीलिए
तो कहते है माँ
की ममता को पहचान
नही है पाता हर
कोई
माँ
की ममता का तोल
नही है कोई ||
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