Wedding Anniversary Poem | Anniversary Love Poem
शादी
के एक अटूट बंधन
की एक एहम जो
मिसाल है वो शादी
की सालगिरह फिर से इस
बार है आयी
पत्नी
और पति के जीवन
भर के रिश्ते की
नई एक सौगात अपने
संग है ये लाई
अपने
आने से मियां बीवी
के रिश्ते को हर साल
एक नई गहराई है
ये दे जाती
हुई
थी जिस दिन शादी
उस दिन की कुछ
झांकिया दिखलाने फिर से इस
साल शादी की सालगिरह
है आयी ||
यू तो होती रहती
है मियां बीवी के रिश्ते
में कभी कभी नोक
झोंक
पर दिल में हमेशा
प्यार बना रहता है
एक दूजे के लिए
रूठने
और मनाने का सिलसिला तो
ज़िन्दगी भर जैसे थमता
ही नही
जीवन
में अपने उस हमसफर
की अहमियत दिखलाने फिर से इस
साल शादी की सालगिरह
है आयी ||
साथ
देते है एक दूजे
का फिर चाहे ज़िन्दगी
में कोई सुख हो
या फिर हो कोई
दुख
कितनी
दफा तो बोलने की
भी ज़रूरत नही पड़ती बस
इशारे से ही एक
दूजे को समझ ये
लेते है
एक वक्त के बाद
तो जैसे आदत सी
बन जाते है एक
दूसरे की ये
तभी
तो इस जहांन में
एक अनमोल रिश्ते से रूबरू करवाने
फिर से इस साल
शादी की सालगिरह है
आयी ||
जन्मों
जन्मों के इस बंधन
को प्यार और विश्वास की
बुनियाद द्वारा जीवन के रंगों
में घोला जाता है
अपने
जीवन साथी को अपने
से ज्यादा तज़्ज़वो देने का निरंतर
प्रयास एक दूसरे द्वारा
सदैव किया जाता है
बड़ा
मुश्किल होता है कभी
कभी किसी परिस्थिति में
इस ज़िन्दगी को जीना
ऐसी
अलग अलग परिस्थितियों में
अपने जीवन साथी के
साथ को ओर मज़बूती
से जीना सिखलाने फिर
से इस साल शादी
की सालगिरह है आयी ||
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