Happy Women's Day | A Beautiful Poem For Women | Women's Day Special -- A Heart Touching Poem Women
जो है ये आज की नारी , कभी भी नही ये
किसी से है हारी
बढ़ते हुए भारत की जैसे नई एक नींव है ये
हौसले बुलंद और चेहरे पर चमलकता कोई नूर है
तरक्की भरे समाज में नई नई बुलंदिया है हर दिन ये छू रही
ज़िन्दगी के हर मुश्किल दर्द को जो हस के ये है झेल रही
जो है ये आज की नारी , कभी भी नही ये
किसी से है हारी
आत्मविश्वास हो जैसे कूट कूट के भरा इसमे
आत्मरक्षा भी डट के करने लगी है खुद की
पहले तो बस घर तक ही सीमित होकर रह गयी थी
पर अब तो जैसे इसकी उड़ने की कोई लिमिट ही नही है
जो है ये आज की नारी , कभी भी नही ये
किसी से है हारी
सतयुग से कलयुग तक है आया ये बदलाव बड़ा
अब तो घर के आदमी भी है पूंजी के लिए निर्भर इसपे
कोई भी ऐसा काम जो आज की नारी ने कर के ना दिखलाया हो
कामयाबी के हर क्षेत्र में अपनी साहस का पंचम इसने ना
लहराया हो
जो है ये आज की नारी , कभी भी नही ये
किसी से है हारी
सैयम और धैर्य जो है मजबूती भरे शस्त्र जिसके
शर्म और मर्यादा का आज भी है जो खुशी से पालन है करती
करनी चाहिए हर शख्स को इज़्ज़त आज की नारी की
क्योकि अगर कोई देश आगे बढ़ पाया है तो उसमें नारी का प्रमुख
योगदान ही कहलाया है
जो है ये आज की नारी , कभी भी नही ये
किसी से है हारी
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