Happy birthday Shivaay Poem
नटखट सा नन्हा सा शहज़ादा जो पिछले वर्ष ही हम सबकी ज़िन्दगी में है आया |
वैसे तो सब कुछ था पर अपने आने से घर के आंगन को अलग सा ही रोशन है कर गया हमारा शिवाय ||
खिल उठा है जैसे हमारे घर का हर कोना कोना उस नन्हे मेहमान के आने से |
अधूरा सा था एक रिश्ते जो उस शहज़ादे के आने से अब कही जाकर हुआ है पूरा ||
ऊपर वाले की रहमत से वो नन्हा मेहमान आज पूरे 1 वर्ष का है हो गया |
कल की बात ही लगती है जब बड़े अरमानो से घर में स्वागत था उसका किया ||
हर वक़्त अपनी ना समझ में आने वाली बातें पूरी दुनिया को ये समझता है |
कोशिश भरपूर करता है पर अगर कुछ ज्यादा ही वक़्त लगता है तो वो बातें खुद को ही समझा लेता है ||
बेटे के रूप में नन्हें भगवान को अपनी ज़िंदगी में है जैसे पाया |
खुश रहे आबाद रहे जहाँ भी रहे अपना नाम करे ये आशीर्वाद का मंत्र जिसने है सबसे पाया ||
माँ और बेटे के रिश्ते की तो हर जगह पूरी दुनिया में मिसाल है दी जाती |
पर गहराई बाप और बेटे के रिश्ते की भी कभी कम नही होती ||
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