Hindi Poetry On Diwali | त्योहार दीवाली
आया आया त्योहार ये दीपावली का है आया |
लाया लाया अपने संग ये तमाम खुशियां है लाया ||
चमकता हुआ उजाला चारो ओर ये त्योहार है लाया |
हमारे सभी त्योहारो में सबसा बड़ा त्योहार ये दीपावली का है
आया ||
श्री राम चन्द्र के चौदह वर्ष वनवास से घर वापसी पर मनाते
है त्योहार ये |
घर घर में दिए जलाकर सिया राम के गुणगान चारों ओर करवाता है
त्योहार ये ||
लष्मी गणेश की पूजा करके अपने घर और व्यापार में समृद्धि है
भर जाता त्योहार ये |
अपनो से गीले शिकवे भूला कर अपनो के ओर करीब ले आता है ऐसा
है त्योहार ये ||
हर जगह पटाख़े फुलझड़ी अनार हवाइयां इत्यादि एक प्रतीक है इस
बड़े त्योहार का |
अपने सभी सगे संबंधियों में तरह तरह के सुंदर उपहारो के
आदान प्रदान से खुशियां का अलग ही माहौल बन जाता इस त्योहार का ||
हर उम्र के लोग अपनो के साथ लुत्फ लेते कुछ अपने ही अंदाज़
में |
मिठाई तो एक ज़रिया है ऐसे शुभ मौकों पर अपनो का मुँह मीठा
कराने का ||
शुभ लाभ की गूंज से झूम उठता है पूरा घर और बाजार का हर
कोना |
मस्ती और खुशहाली में डूब जाता है पूरी दुनिया का कोना कोना
||
पटाखों द्वारा प्रदूषण के प्रकोप से इस देश को अब बचाना है |
दिए मोमबत्ती रंगोली द्वारा एक अलग अंदाज से ही इस दीवाली
को अब मनाना है ||
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