बहता पानी

नदी का ये पानी युही बहता चला जाएगा |
ये पानी एक घाट से दूसरे घाट बढ़ता चला जायेगा ||

बहता पानी और गुज़रा हुआ वक़्त कभी भी वापस नही आये कभी |
तभी तो जो तेरे नसीब का नही वो तुझे कभी चाह कर भी नही मिल पायेगा ||

°°°राहुल सप्रा°°°


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