हिंदी कविता : होली का त्यौहार
हिंदी कविता : होली का त्यौहार
अलग अलग रंगों से भरा होता है ये होली का त्यौहार
हरे लाल पीले नीले रंगों से मिलकर बनता है ये होली का त्यौहार
होलिका दहन की पूजा से नया सा एहसास करवाता है ये होली का त्यौहार
गर्मी की दस्तक देने का संकेत दे देता है ये होली का त्यौहार
गुजियों के स्वाद से रूबरू करवाता है ये होली का त्यौहार
गुलाल की महक से भरा होता है ये होली का त्यौहार
वृन्दावन के मुरली मनोहर ने रचा है ये होली का त्यौहार
गोकुल मे लात मार कर आज भी खेला जाता है ये होली का त्यौहार
भांग पीकर मदहोश होकर मना लिया जाता है ये होली का त्यौहार
हर इंसान अपने अलग ही अंदाज़ से मनाता है ये होली का त्यौहार
पानी के गुब्बारे को एक दूसरे को मार कर मन लेते है ये होली का त्यौहार
पिचकारी की धार से पानी एक दूसरे पर फेक कर खुशियां मनाते है ये होली का त्यौहार
गाने बाजे के साथ नाचते गाते मस्ती में डुबो देता है ये होली का त्यौहार
हिंदुस्तानी के साथ फिरंगी भी ज़बरदस्त तरीके से मनाता है ये होली का त्यौहार
मजहब के नाम से परे हर शख्स के मन्न में खुशियां दे जाता है ये होली का त्यौहार
हर साल फिर से वापस आने का वायदा करके चला जाता है ये होली का त्यौहार
¶¶ राहुल सप्रा ¶¶
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